खरी खोटी खास खबर

वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा के खिलाफ कर्मचारियों की जागृति यात्रा

09_08_2018-vasundhara-raje-rajasthan_18297566

जयपुर। एक बार फिर सत्ता हासिल करने को लेकर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जहां प्रदेश में “राजस्थान गौरव यात्रा” के माध्यम से आम लोगों के बीच जाकर वोट मांग रही है। वहीं, दूसरी तरफ कर्मचारी संगठन और बेरोजगार युवक वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ प्रदेशभर में “जागृति यात्रा” निकालकर भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हैं। भाजपा की तर्ज पर बेरोजगार युवाओं ने घर-घर दस्तक देने की योजना बनाई है। भाजपा की तर्ज पर इन युवाओं ने एक लाख विस्तारक बनाए हैं।

वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं की तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार से नाराजगी और से उपजी सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री बनी थी। अब इन कर्मचारियों और युवाओं की नाराजगी ही वसुंधरा राजे के विजय रथ की गति रोक सकते हैं। राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सह संयोजक गजेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना है कि साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य के कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के समान सुविधाएं देने की बात कही थी। लेकिन सुविधाएं देने के बजाय वेतन में कटौती करने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भाजपा और वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ कर्मचारी पूरे प्रदेश में “जागृति यात्रा” निकाल रहे हैं। यात्रा का समापन 22 अगस्त को जयपुर में होगा और 11 सितंबर को कर्मचारियों की हड़ताल होगी। उधर, युवाओं के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि चार साल में 1,57,804 पदों के लिए सरकारी नौकरी की घोषणा की गई, लेकिन मात्र 41,000 पदों पर नियुक्ति संभव हो पाई अन्य पदों पर नियुक्ति या तो न्यायालय में लंबित है अथवा सरकार की ढ़िलाई वजह से शुरू नहीं हो सकी है।

उपेन यादव का कहना है युवाओं से जुड़े इस आंदोलन के तहत 16 सितंबर से महासंघ भाजपा मुक्त राजस्थान अभियान की शुरुआत करेगा। इस अभियान में एक लाख से बेरोजगार युवा विस्तारक घर-घर जाकर राजे सरकार की वादाखिलाफी का प्रचार करेंगे।

वसुंधरा राजे ने 15 लाख नौकरियों का वादा किया था

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार से नाराज बेरोजगार युवाओं को लुभाने के लिए वसुंधरा राजे ने अपनी सुराज संकल्प यात्रा के दौरान पांच साल में 15 लाख नौकरियां देने की घोषणा की थी। लेकिन कोर्ट में विभिन्न मामलों के लंबित होने और परीक्षाओं के पेपर लीक होने के कारण घोषित भर्तियां समय पर पूरी नहीं हो सकी है। सरकार समय-समय पर कह चुकी है कि साढ़े चार साल में सरकार ने 13 लाख लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही करीब 9 लाख युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है।