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महामंडलेश्वर अखिलेश्वरा नंद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने पर सियासत गरमाई

akhleshwaranand

भोपाल। प्रदेश में बाबाओं को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। इस बार मप्र गौ-पालन और पशुधन संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष महामंडलेश्वर अखिलेश्वरा नंद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने से कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो गया है।

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बाबाओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने से कुछ नहीं होगा, बल्कि अखिलेश्वरा नंद को जो काम सौंपा है, उसकी निगरानी करना चाहिए। गौ-शालाओं में भ्रष्टाचार हो रहा है और गौ हत्याएं बढ़ रही हैं। उन्हें जो काम सौंपा है उस पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अखिलेश्वरा नंद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का आदेश 12 जून की बजाय एक दिन पहले की तारीख में जारी किया है। जबकि मंगलवार को भय्यूजी महाराज जब मृत्यु शैय्या पर लेटे थे, तब ये आदेश जारी किए गए। वहीं, भाजपा के प्रवक्ता राहुल कोठारी ने बाबाओं को मंत्री का दर्जा दिए जाने पर बचाव करते हुए कहा कि मुफ्त डीजल, गाड़ी और रेस्ट हाउस की सुविधा मिलने से उन्हें प्रवास में आसानी होती है।

गौरतलब है कि इसके पहले भी राज्य सरकार ने नर्मदा के पौरोपण की जांच का एलान करने के बाद राज्य सरकार द्वारा चार बाबाओं को मंत्री का दर्जा दिया था। इनमें भय्यूजी महाराज भी शामिल थे, जिन्होंने मंत्री का दर्जा लेने से इनकार कर दिया था। उस समय राज्य सरकार की जमकर निंदा हुई थी।