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भाजपा के लिए चौथी बार जीत नहीं आसान, कांग्रेस भी ठोंक रही ताल

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खरगोन/ सनावद. जिले की बड़वाह विधानसभा सीट पर लंबे समय से भाजपा का कब्जा रहा है। यहां 2003 से हितेंद्रसिंह सोलंकी विधायक है। भाजपा अपनी इस परंपरागत सीट को हर हाल में चौथी बार जीतने के लिए मैदान में जुटी, लेकिन पार्टी के लिए जीत किसी भी मायने से आसान नहीं है। 2013 के चुनाव में कांग्रेस को अपनी ही गलती के कारण हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने यहां एक ही परिवार में राजेंद्रसिंह सोलंकी (हितेंद्रसिंह के भाई) को अपना उम्मीदवार बनाया था, जो कांग्रेस के लिए बड़ी भूल साबित हुआ।पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर युवा नेता सचिन बिरला ने बगावत कर निर्दलीय उम्मीदार के रूप में चुनाव लड़ा। दोनों पार्टियों में उभरे इस अंसतोष के चलते असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने सचिन का समर्थन कर दिया।इससे कांग्रेस यहां तीसरे पायदान पर पहुंच गई। वहीं सचिन बिरला दूसरे स्थान पर रहे।

बूथ नंबर-130, ग्राम रूपखेड़ा
2013 भाजपा को वोट मिले- 739

कांग्रेस के वोट-16
निर्दलीय-129

जनसंख्सया-3000
2126 कुल मतदाता

सनावद नगर से सटा रूपखेड़ा गांव। आबादी करीब तीन हजार।पांच वर्षों में गांव में विधायक द्वारा विकास कार्य तो किए गए, लेकिन जनता इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।महेंद्र सोलंकी व राजेश वर्मा बताते है कि पिछले पांच वर्षों में विधायक ८ से १० बार रूपखेड़ा आए।उनके प्रयासों से बाकुंड नदी पर ५० लाख की लागत से रपटे का निर्माण किया गया।गांव की गलियों में सीसी रोड, नाग मंदिर और धर्मशाला निर्माण में 50-50 हजार रुपए का सहयोग प्रदान किया।इसके अलावा इंदिरानगर से रूपखेड़ा, तक का एप्रोच रोड नहीं बन पाया जिसके कारण आवागमन में खासी परेशानी हो रही है। गणगौर घाट तथा नालों का निर्माण भी नहीं हो पाया।
ये है मुद्दे

-शुद्ध पेयजल
-बिजली आपूर्ति में व्यवधान

-स्वास्थ्य व रोजगार

बूथ नंबर-141, सनावद वार्ड पांच
2013 कांग्रेस को वोट मिले- 381

भाजपा के वोट-249
जनसंख्या-2500

-2166 कुल वोटर
विकास में हुआ भेदभाव, कांग्रेस उम्मीदवार की बेरुखी

नगर के वार्ड क्रमांक पांच में कांग्रेस को सर्वाधिक मत मिले थे। इस वार्ड में मतदान के बाद मौजूदा विधायक हितेंद्रसिंह सोलंकी यदाकदा ही दिखते हैं। वार्ड के आफताब हिलाल व शकील अशरफी का कहना है कि यहां पिछले पांच वर्षों में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। जिसके कारण रहवासियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का आरोप है कि विकास कार्यों में वार्ड के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। वार्ड में सीसी रोड, पेयजल और सफाई से जुड़ी कई समस्याएं है। कांग्रेस प्रत्याशी रहे राजेंद्रसिंह सोलंकी ने भी वार्ड की समस्याओं की ओर कभी ध्यान नहीं दिया।सोलंकी की बेरुखी से वार्ड के मतदाता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
यह है मुद्दे

-कच्ची सड़कें और अधूरी नालियां
-पेयजल।

-अनियमित साफ-सफाई
बूथ नंबर-130, ग्राम बकावां

2013 निर्दलीय उम्मीदवार को वोट मिले-872
भाजपा-148

कांग्रेस-18
जनसंख्या:-4000

-2500 कुल वोटर
नर्मदा किनारे बसे बकावां पत्थरों से तराशे जाने वाले विशेष शिवलिंगों के निर्माण से पूरे देश में प्रसिद्ध है।यहां बीते चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सचिन बिरला को सबसे अधिक मत मिले थे। जबकि भाजपा को 148 और कांग्रेस को सबसे कम 18 ही वोट मिले थे।कृषक मिश्रीलाल भमौरिया, मंशाराम पुनासिया कहते है कि चुनाव के बाद विधायक हितेंद्रसिंह सोलंकी कभी-कभार आए है। छह माह पूर्व बकावां से शाहपुरा के बीच रोड का भूमिपूजन विधायक ने किया था, लेकिन इसका निर्माण आज तक शुरु नहीं हुआ। किसानों को इस बात का मलाल है कि पिछले साल उन्हें भावांतर योजना का लाभ नहीं मिला।दरअसल, गांव में बहुतायात में कपास और मिर्च की पैदावार किसानों द्वारा ली जाती है और दोनों फसलें भावांतर योजना में शामिल नहीं होने से किसान इससे वंचित रह गए।उधर, नारायण केवट भाजपा के कामों से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने सरकार की योजनाओं से गांव के लोगों को फायदा मिलने की बात कही।

ये है मुद्दे
-हाईस्कूल व हायर सेकंडरी शाला

-स्वास्थ्य सुविधा का अभाव।
-फसलों का उचित दाम नहीं मिलना