अँधेर नगरी

कर्नाटक: रिसॉर्ट से गायब हुए कांग्रेस के दो और विधायक

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कर्नाटक में तमाम सियासी उठा-पटक के बाद आखिरकार कर्नाटक को येदियुरप्पा के रूप में नया मुखयमंत्री मिल गया. आज सुबह येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. कांग्रेस की याचिका पर कोर्ट ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल के फैसले में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. इसलिए येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह को नहीं रोका जा सकता. लेकिन येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 24 घंटों के भीतर 112 विधायकों की समर्थन सूची कोर्ट में पेश करनी होगी.

विधायकों की जोड़ तोड़ में विधायकों को अपने खेमे में करने की कवायत जारी है. इसी बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस के दो विधायक गायब हो गए हैं. आज तक की खबर के मुताबिक बेल्लारी से कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह भी पिछली रात ईगलटन रिजॉर्ट नहीं पहुंचे हैं.

कर्नाटक हैदराबाद क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल के गायब होने की भी खबर आ रही है. खबर के अनुसार गौड़ा पाटिल ने बीजेपी से हाथ मिला लिया है. ऐसी खबर है कि पिछली रात तक वो कांग्रेस के साथ थे उन्होंने कांग्रेस के समर्थन पत्र पर साइन भी किया लेकिन अब ऐसे कयास हैं कि वो बीजेपी के खेमे में चले गए हैं.

इससे पहले आजतक से बातचीत में विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल से जब पूछा गया था कि क्या कांग्रेस के विधायक बीजेपी के पाले में चले गए हैं, तो उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को जनता के फैसले को देखना चाहिए.

उधर कांग्रेस के एमपी डी के सुरेश ने एएनआई से बातचीत में कहा, ” आंनद सिंह के सिवाय सभी विधायक यहां मौजूद हैं, वो अब नरेंद्र मोदी के चंगुल में हैं.”

इसी बीच येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन भी जारी है. दिल्ली में भी इस ताजपोशी का कांग्रेस ने विरोध किया. येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री बनने के विरोध में कांग्रेस के नेता अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद और सिद्धारमैया सहित कांग्रेस विधायक विधानसभा में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास पहुंचे.

येदियुरप्पा के सीएम बनने को असंवैधानिक बताते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि हम लोगों से जाकर ये बात बताएंगे की बीजेपी ने सविधान से खिलवाड़ किया है. विधायकों की संख्या पर बोलते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा को 112 विधायकों का समर्थन दिखाना है, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ”संख्‍या जरूरी है सबसे बड़ी पार्टी नहीं.”