भड़ास

जीडीपी दर 6.5 रहने पर राहुल ने मोदी, जेटली पर साधा निशाना

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राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री की विभाजनकारी राजनीति के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न मापदंडों में तेजी से गिरावट आई है.

केन्द्र सरकार के कार्यकाल में नये निवेशों, बैंकों की साख वृद्धि, रोजगार सृजन और कृषि की सकल मूल्यवर्धित सेवा वृद्धि क्षेत्र में कमी और राजकोषीय घाटे के लगातार बढने के मामले में सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर गांधी ने आज कहा ‘‘वित्त मंत्री अरुण जेटली और मोदी की विशिष्ट जोड़ी ने सकल विभाजन राजनीति (जीडीपी) अपनाकर नये निवेशों की संख्या 13 वर्षों के निचले स्तर पर पहुंचा दी है.

बैंक साख वृद्धि 63 वर्षों के निचले स्तर पर, रोजगार सृजन 8 वर्षों के निचले स्तर पर और कृषि की सकल मूल्यवर्धित सेवा वृद्धि में 1.7 प्रतिशत की कमी आई है और राजकोषीय घाटा पिछले आठ वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा बढा है. इसके अलावा अनेक परियोजनाओं के रूकने की दर में भी इजाफा हुआ है.

गौरतलब है कि मुख्य सांख्यिकीविद टी सी ए अनंत ने कल पत्रकारों को बताया था कि केन्द्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के अनुमान के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष (2017-18) में जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी.

पिछले वित्त वर्ष (2016-17) में यह 7.1 प्रतिशत थी. उन्होंने यह भी कहा था कि वित्त वर्ष की अगली दोनों तिमाहियों में वृद्धि दर सात प्रतिशत रहेगी जो पिछली दोनों तिमाहियों के मुकाबले बेहतर होंगी.